कभी-कभार
अपनी, अपनों तथा अपने आस-पास की बातें...
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015
152. छुट्टी
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बैंकों में चार दिनों की छुट्टियाँ पड़ गयी हैं । एक सज्जन ने दैनिक अखबार 'प्रभात खबर' में पत्र लिखकर बाकायदे आवेदन किया है ...
सोमवार, 7 दिसंबर 2015
151. एक कॉल "नम्बर" से-
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कल (रविवार) की घटना । "ट्रिन-ट्रिन- " मैं घर में नहीं था । 'नम्बर से' एक कॉल आती है। "हैलो- "श्रीम...
रविवार, 29 नवंबर 2015
150. भारतीय इतिहास: कहानियों के माध्यम से
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हम भारतीय- आम तौर पर- अपने इतिहास के बारे में वही जानते हैं, जो यूरोपीय इतिहासकारों ने तथा उनके द्वारा खींची लकीरों पर चलने वाल...
4 टिप्पणियां:
मंगलवार, 17 नवंबर 2015
149. आल्पना- 3
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इस ब्लॉग में आल्पना पर पहले से मेरे दो आलेख हैं (क्रमांक- 89 और 91) । उनमें जिक्र है कि मेरी मँझली और छोटी फुआ (बुआ) इस कला में स...
सोमवार, 16 नवंबर 2015
148. कबाड़ में "टप्पर"
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25 नवम्बर 2010 का मेरा एक आलेख है- "टप्परगाड़ी" (आलेख क्रमांक- 5), जिसमें साल 1998 में हमारे "टप्परगाड़ी" में...
बुधवार, 11 नवंबर 2015
147. दीवाली (2015)
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अररिया (नेपाल की सीमा पर, बिहार) में रहते वक्त जब दीवाली पर घर लौटता था, तब कटिहार से मनिहारी के बीच पड़ने वाले गाँवों में देखता थ...
1 टिप्पणी:
रविवार, 8 नवंबर 2015
146. कल्याणचक का कायाकल्प
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कल्याणचक स्टेशन की वह झोपड़ीनुमा चाय-दूकान... पता नहीं, अब यह है भी है या नहीं. जब हरी दूब के स्थान पर कंक्रीट के फर्श बनने ल...
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